ज़मीर मग़रिब है ताजराना ज़मीर मशरिक़ है राहबाना
एक मकड़ा और मखी
इलाही अक़्ल ख़जसता पय को ज़रा सी दीवानगी सिखा दे
ये सरोद क़ुमरी व बुलबुल फ़रेब गोश है
वही मेरी कम नसीबी वही तेरी बे नियाज़ी
ला इलाह अला अल्लाह