कुछ उस लिए भी अपने चरचे हैं शहर में
इक पारसा हमारी रुस्वाई चाहता है
पृष्ठभूमि
शायर के बारे में
हरिपुर के बेहद उपजाऊ रूमानी शायर, जिनकी गाई जा सकने वाली ग़ज़लें फ़िल्मों और गुलूकारों के ज़रिए दुनिया भर पहुँचीं।
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