मिरी मशातगी की क्या ज़रूरत हुस्न मनी को
कि फ़ितरत ख़ुद ब ख़ुद करती है लाले की हिना बंदी
पृष्ठभूमि
शायर के बारे में
कवि-दार्शनिक, जिनकी उर्दू और फ़ारसी शायरी ने आध्यात्म को आत्म-बोध की दृष्टि से जोड़ा।
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