क़ुर्ब है मगर इतनी भी शिद्दत से न मिल
ये न हो तुझ को मिरे रोग पुराने लग जाएँ
पृष्ठभूमि
शायर के बारे में
जदीद उर्दू ग़ज़ल के उस्ताद, जिनकी रूमानी और बाग़ी शायरी ने उन्हें अपने दौर का सबसे ज़्यादा पढ़ा जाने वाला शायर बनाया।
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