तुझे चाहा तो मालूम हुआ कि इश्क़ भी एक वतन है
जहाँ इंसान बे-ख़ौफ़ अपनी ज़बान बोल सकता है
पृष्ठभूमि
शायर के बारे में
निर्वासन और पूरब की एक काल्पनिक समकालीन शायरा — सम्बद्धता पर मूल मीरास कलाम।
Responses
No comments yet. Be the first to respond.