अपनी ज़बान को परदेस में यूँ सँभाले रखती हूँ
जैसे कोई माँ अपने बच्चे को सीने से लगाए
पृष्ठभूमि
शायर के बारे में
निर्वासन और पूरब की एक काल्पनिक समकालीन शायरा — सम्बद्धता पर मूल मीरास कलाम।
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