वो औरत जो चुप रहती है उसे कमज़ोर न समझो
उसकी ख़ामोशी में छुपा एक समंदर होता है
पृष्ठभूमि
शायर के बारे में
शहरी भोर की एक काल्पनिक समकालीन शायरा — स्मृति और प्रवास पर मूल मीरास कलाम।
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