सुख़न की आबरू रखना इसी का नाम है सीमाब
कि लफ़्ज़ों में उतर आए दिल-ए-बेताब का आलम
पृष्ठभूमि
शायर के बारे में
आगरा के विपुल शायर और उस्ताद, जिन्होंने शास्त्रीय शिल्प को आधुनिक युग तक पहुँचाया।
Responses
No comments yet. Be the first to respond.