उस ने जिस दम मुझे दुनिया से रुख़्सत कर दिया
मेरे होंटों पर तग़ाफ़ुल का तबस्सुम आ गया
ख़ूब पर्दा है कि चिलमन से लगे बैठे हैं
साफ़ छुपते भी नहीं सामने आते भी नहीं