मश्क़-ए- जारी चक्की की मशक़्क़त भी रही
इक तुर्फ़ा है हसरत की तबीयत भी रही
पृष्ठभूमि
शायर के बारे में
"इंक़लाब ज़िंदाबाद" के रचयिता, जिन्होंने स्वतंत्रता-सेनानी की आग को कोमलतम ग़ज़ल से जोड़ा।
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