दिल मिल गए हैं इस तरह एक दूसरे के साथ
अब हम जुदा हो भी तो ये दिल जुदा नहीं
पृष्ठभूमि
शायर के बारे में
लखनऊ दरबार के बहुमुखी शायर और भाषाविद, अपनी हाज़िरजवाबी और शब्द-क्रीड़ा के लिए प्रसिद्ध।
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