Contemporary · ग्वालियर
ग्वालियर में शायरों के घराने में जन्म — जाँ निसार अख़्तर उनके वालिद और मजाज़ उनके मामू थे। जावेद अख़्तर ने पहले पटकथा-लेखक के तौर पर हिंदी सिनेमा जीता, फिर ख़ानदानी हुनर की तरफ़ लौटे। उनके मजमूए "तरकश" और "लावा" तरक़्क़ीपसंद विरासत को एक सीधी, सवाल करती आधुनिक आवाज़ देते हैं।
कोई शाइर नहीं मिला।